सौतेला भाई ने जबरदस्ती मुझे चोदा

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आज मैं ठीक से चल भी नहीं पा रही हु, मैं २२ साल की हु और मेरा भाई २१ साल का है, मम्मी ने उसको कोटा मेरा गरम कपडा दे के भेजी है, क्यों की सर्दियाँ आ गई है. इसलिए मेरा भाई मेरे पास मेरा सारा कपडा देने आया है. मैं किराये पर एक कमर लेके कोटा में रहती हु, कल शाम को मेरा भाई आया था. करीब आठ बजे, कहना खाकर वो मोबाइल पर गेम खेल रहा था और मैं पढ़ रही थी. उस बिच में घर की बात और अपनी पुराणी बातों को याद कर रही थी. हम दोनों एक दोस्त की तरह है सब बात हम दोनों शेयर करते है. वो मेरे से पूछ रहा था की दीदी क्या कोई बॉय फ्रेंड बना है की नहीं, मैंने कहा नहीं रे अभी मेरा फोकस सिर्फ अपनी पढाई पर है. इसके अलावा मुझे कुछ भी अभी दिखाई नहीं दे रहा है. तो मैंने भी पूछ लिया की और बता तेरा क्या हाल है. तो वो कहने लगा. हां आजकल एक लड़की लाइन दे रही है. जैसे ही खुशखबरी होगी मैं तुरंत तुम्हे बताउंगी.

मैंने कहा तू बहूत बदमाश है. पहले पढाई कर ले और फिर बाद में जो मर्जी होगा करना. और मैं अपने पढाई में लग गई. पता नहीं कब वो मेरा मोबाइल ले लिया था. आधे घंटे के बाद उसने कहा दीदी आप ये सब देखती हो, मैं चौंक गई. उसके तरफ देखि तो हैरान रह गई वो मेरा मोबाइल छेड़ रहा था. मैंने तुरंत ही उसके हाथ से मोबाइल ले ली. तब तक वो सारा कुछ देख चूका था. दोस्तों आपको तो पता है चाहे लड़का हो या लड़की आजकल कौन ऐसा है जो पोर्न मूवी नहीं देखता है या तो चुदाई की कहानियां नहीं पढता है. मैं भी अपने मोबाइल में ऐसे कई सारे क्लिप डाउनलोड कर रखी थी. उसने सारे मूवी को देख लिया था. कुछ तो सनी लिओने की भी थी. और उसने मोबाइल इन्टरनेट की हिस्ट्री से सब कुछ देख लिया था की मैं कैसा वेब पेज ओपन करती हु, अब मैं मैं फंस चुकी थी. मैंने कहा नहीं नहीं मैं नहीं किया ये तो मेरी दोस्त गीतिका है उसने किया है.यह सेक्स कहानी आप चुदाई कहानी साइट डॉट कॉम पर पड़ रहे है।तो रोहित बोला दीदी कल मुझे रितिका से मिलाओ ना प्लीज मैं दोस्त बनाना चाहता हु. मैंने कहा देखि है अपनी शक्ल आईने में.मैं समझ गया की मेरा भाई अब जवान होते ही बहूत कमीना हो गया है. रात को करीब ११ बज गए थे. उसने कहा कहा सोऊँ, दोस्तों मेरे पास एक भी बेड है. और ओढ़ने के लिए सिर्फ एक ही रजाई. मैंने कहा मेरे बेड पर ही सो जाओ. क्यों की कोई ऑप्शन भी नहीं था. वो आकर दूसरे तरफ मुह कर के सो गया और मैं भी दूसरे तरफ मुह करके सो गई. जब मैं नींद में थी. तो लगा को मेरा बूब्स कोई सहला रहा है मैंने समझ गई. रोहित मेरे टांगो पर अपना टांग चढ़ा रखा था और मेरे बूब्स को नाइटी के अंदर हाथ डालकर, निप्पल को प्रेस कर रहा था. मुझे लगा की मैं मना कर दू. पर ये भी लगा की अगर मैंने मना कर दिया तो ये बात खुल जाएगी और बाद में हम दोनों एक दूसरे को मुह नहीं दिखा पाएंगे, इसलिए मैंने सोचा जवान है गर्मी चढ़ी होगी. थोड़े देर में वो मूठ मार लेगा और सो जायेगा. पर ऐसा हुआ नहीं उसने मेरे नाइटी को ऊपर कर दिया और ब्रा का हुक भी खोल दिया. मेरी चूचियों को पिने लगा. और मेरे नाभि में अपना ऊँगली डालने लगा. दोस्तों आप ही बताओ, मैंने कैसे बर्दाश्त करती. मैं भी तो जवानी में थी. मुझे अच्छा लगने लगा. पर मैं कुछ भी नहीं बोल पा रही थी. उसने मेरी पेंटी को निचे कर दिया.

दोस्तों मेरे चूत को सहलाते हुए उसके मुह से सिसकारियां निकलने लगी. मैंने भी अपना दोनों पैर फैला दी. वो धीरे धीरे अपनी ऊँगली को मेरे चूत में डालने लगा. मेरी चूत काफी गीली हो चुकी थी. मैं भी जोश में आ गई. और वो निचे सरककर, मेरी चूत के पास बैठ गया और चाटने लगा. अब बर्दाश्त के बाहर था. मैंने उसका बाल पकड़ा और अपने चूत में रगड़नेलगी. वो मेरी चूत की पानी को चाट रहा था. मेरे मुह से भी सिस्कारिया निकलने लगी. आह आह आह आह आह से कमर गूंजने लगा. मैं रोहित को ऊपर को और उसके होठ को चूसने लगी. वो मेरे ऊपर था वो भी मेरी चूचियों को दबाते हुए मेरे होठ को चूस रहा था और वो बार बार अपना जीभ मेरे मुह में दे रहा था इस वजह से मैं और भी कामुक हो रही थी. दोस्तों मुझे लग रहा था की रोहित को अपनी चूत में घुसा लू, मैंने कहा देर मत कर कमीने और कितना तड़पाएगा. आज तुमने एक रजाई होने का सजा और मजा दोनों दे रहा है. सजा तो ये की एक बहन आज अपने भाई से चुदेगी और मजा की आज मैं पूरी रात चुदुंगी.यह सेक्स कहानी आप चुदाई कहानी साइट डॉट कॉम पर पड़ रहे है।मैंने रोहित को और ऊपर किया, वो मेरे छाती के करीब बैठ गया और मैंने उसका लौड़ा अपने मुह में ले ली और चूसने लगी. गजब का एहसास हो रहा था लंड चूसने में. दोस्तों आज मैं खुद कोई पोर्न हीरोइन से काम नहीं समझ रही थी. वो भी मेरे मुह में अपना लंड अंदर बाहर करने लगा. उसका लंड बहूत ही मोटा था मेरे मुह से पूरा सेट हो रहा था और अंदर गले तक जा रहा था. दोस्तों मेरी चूत काफी गरम हो गई थी और बार बार पानी छोड़ रही थी. मैंने कहा रोहित आज तो मेरी चूत का गर्मी बुझा दे. तुमने तो आज मुझे गरम ही कर दिया रे. और रोहित निचे जाकर अपना लंड मेरे चूत पे सेट किया, और जोर से धक्का दिया, मेरे मुह से आउच की आवाज निकली और फिर हाय, हाय हाय, ओह्ह्ह क्या बताऊँ दोस्तों अब मैं जोर जोर से लंड को अंदर बाहर करने के लिए धक्के देने लगी.

निचे से मैं गांड उठा रही थी और ऊपर से वो पेल रहा था और बिच में चपक चपक की आवाज से पूरा कमर गूंज रहा था. मैं उसको अपने बाहों में जकड़ी थी और पैरों से उसको फसाई हुई थी. वो मेरी मोटी गांड को नीच से पकड़ रखा था और जोर जोर से लंड को अंदर बाहर कर रहा था. उसके बाद उसने मुझे ऊपर किया और खुद सो गया और लंड को पोल की तरह खड़ा करके बोला आ बैठ जा इसपर मैं उसके लंड पर बैठ गई. लंड धीरे धीरे कर के मेरे चूत के अंदर समा गया. मैं एक मिनट तक यों ही बैठे रही फिर मैं ऊपर निचे होना शुरू किया, मैं उसके ऊपर थोड़ी झुकी हुई थी. वो मेरी चूचियों को पकड़ रखा था. और मेरे चूत में निचे से धक्के देने लगा. अब मैं भी जोर जोर ऊपर निचे करने लगी. वो मेरी चूतड़ में थप्पड़ मार रहा था. अब वो मुझे गालियां भी देने लगा. वो कह रहा था तू तो बहूत रंडी है. आज तू भाई से चुद रही है, मैं भी कहा कम थी मैंने भी गालियां देने लगी. तू तो बहूत कमीना निकला तू तो अपनी बहन के चूत को भी नहीं छोड़ा, बहन चोद है तू.यह सेक्स कहानी आप चुदाई कहानी साइट डॉट कॉम पर पड़ रहे है।जितना हम दोनों एक दूसरे को गालियां दे रहे थे. उतना ही जोश चढ़ रहा था. उसने बाद उसने मुझे घोड़ी बना दिया, और पीछे से मेरे गांड में अपना लौड़ा डालने लगा. पर मैंने मना कर दिया, क्यों की मुझे गांड में काफी दर्द हो रहा था. इसलिए मैंने कहा भाई तुम्हे चूत जितनी मर्जी चोदनी है चोद ले पर गांड को छोड़ दे. पर बहन चोद वो कहा मानने बाला था. उसने भाई ने लंड में थूक लगाया और धीरे धीरे कर के वो अपना लंड मेरे गांड में पूरा घुसा दिया. पहले मुझे काफी दर्द हो रहा था. पर अब धीरे धीरे ठीक होने लगा. अब मेरे मुह से फिर से आह आह आह आह आह निकलने लगी . और मैंने जोर जोर से मेरे गांड में लंड पेलने लगा.

करीब १० मिनट गांड मारने के बाद, उसने फिर से मुझे लिटाया, और मेरा पैर वो अपने कंधे पर रख लिया और दोनो जांघो को सटा दिया, और फिर से मेरे चूत में लंड देने लगा. मुझे दर्द होने लगा था, मैंने कहा भाई मेरा चूत काफी सूज गया है. और दर्द भी काफी होने लगा. है इसलिए मैं अब ज्यादा नहीं चुद पाऊँगी क्यों की तू मुझे दो घंटे से चोद रहा है. उसने कहा साली कुतिया अभी कहा, अभी तो मैं जोश में ही आया हु, मुझे आज पूरा मजा लेने दे और वो जोर जोर से घुसाने लगा.यह सेक्स कहानी आप चुदाई कहानी साइट डॉट कॉम पर पड़ रहे है।दोस्तों उसकी समय वो जोर से आह आह आह आह करते हुए मेरे चूत में ही अपना सारा वीर्य डाल दिया, और मेरे ऊपर निढाल हो गया. करीब पांच मिनट में उठा और वो 69 की पोजीशन में आ गया, वो अपना लंड मेरे मुह में दे दिया और मेरा चूत वो खुद चाटने लगा. हम दोनों एक दूसरे के चूत से और लंड से निकले हुए सारे पानी को चाट गए, और फिर दोनों एक दूसरे को पकड़ कर नंगे ही सो गए. यह सेक्स कहानी आप चुदाई कहानी साइट डॉट कॉम पर पड़ रहे है।उसके बाद वो पांच बजे उठ गया, और मुझे फिर से चोदने लगा. मुझे काफी दर्द हो रही थी, मेरी चूत और गांड दोनों सूज गया था, पर मजा भी बहूत आ रहा था इसलिए मैंने मना भी नहीं किया और मैं फिर चुदवाने लगी. पर वो करीब ४० मिनट तक ही चोदा और फिर झड़ गया, फिर हम दोनों मॉर्निंग वाक के लिए चले गए, पर मुझे चलने में काफी दिककत हो रही थी, रूम पे आके नहाये और नाश्ता किये, रोहित बोला की आज तू ब्रा और पेंटी मत पहन, दोस्तों बारह बजे वो फिर से मुझे चोदने लगा. दिन में आज तीन बार मुझे चोद चूका है.कैसी लगी सेक्स स्टोरी , अच्छा लगी तो शेयर करना , अगर कोई मेरी चूत की चुदाई करना चाहते हैं तो उसे अब जोड़ना Facebook.com/PayelSharma.

मेरा सामूहिक बलात्कार की दर्दनाक चुदाई कहानी

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मेरा नाम कविता है, मैं अभी 19 साल की हु, मेरी एक दोस्त थी पूनम, वो मुझे बार बार अपनी चुदाई के बारे में बताते रहती थी, उसका एक दोस्त था राहुल, पूनम से अपने चूत की सील उसी से तुडबाई थी, अपनी वर्जिनिटी राहुल के साथ ही खोई. दोस्तों मैं भी बड़े चाव से मैं उसकी अंतरंग की कहानियां सूना करती थी, वो सप्ताह में करीब तिन दिन वो अपने घर से बंक मारती थी और डिस्ट्रिक्ट पार्क में जब अँधेरा हो जाता था तब तो चुदवाती थी. आकर मुझे बताती थी यार, आज राहुल ने मुझे ऐसे चोदा, ऐसे किश किया, ऐसे मेरी चूचियाँ दबाया, ऐसे मेरी चूत में ऊँगली डाली, इस तरह मैं भी उसी की कहानियां को सुन कर खुश होती थी, पर जब वो कहानियन कहती तब मेरी चूचियाँ टाइट हो जाती और मेरी चूत में गीलापन महसूस होता.

धीरे धीरे मैं भी लड़को के तरफ आकर्षित होने लगी. मेरा शरीर मध्य कद काठी का था, मुझे बहुत डर लगता था की मेरे चूत से अगर ज्यादा खून निकला तो, अगर मैं लंड को बर्दाश्त नहीं कर पाई तो, या मेरे चूत में जोर से अंदर घुस दिया तो. ये सब सोच कर डरती थी.क्यों की मुझे एहसास है की कैसे पहली चुदाई की चीख होती है. जब मेरे भैया सुहागरात मना रहे थे तो भाभी जोर जोर से चीख रही थी, निकालो निकालो, खून निकल रहा है वगैरह वगैरह, क्यों की मैं उसके बगल के कमरे में सोई थी, और ऊपर छोटा सा खिड़की था छत से सटा हुआ वह से आवाज आ रही थी. तब से भी मेरे अंदर भय था. पर अब मेरे अंदर कुछ कुछ होने लगा था, मुझे भी कुछ ऐसा करने का मन कर रहा था जिससे मेरी चूत की गर्मी शांत हो, मैं जब भी कोई किसिंग सिन देखती तो मेरे तन बदन में आग लग जात थी. मेरे अंदर एक अलग सी वासना की करंट लग जाती. ऐसे तो लड़कियों पे लड़के हमेशा से मरते है, यह सेक्स कहानी आप चुदाई कहानी साइट डॉट कॉम पर पड़ रहे है।मेरे ऊपर भी दर्जनों लड़को की आँख गड़ी हुई थी, पर मैंने अपने लिए एक बॉय फ्रेंड ढूंढ निकाला, और बस चटर पटर करने लगी, धीरे धीरे किसिंग शुरू हो गया, फिर वो मेरे कपडे के अंदर हाथ डाल कर मेरी छोटी छोटी संतरे की भांति चूचियों के दबाता और अपने दो उँगलियों से मेरे निप्पल को सहलाता, मेरे मुंह से इस इस इस इस की आवाज निकलती और मेरी चूत गीली हो जाती.रात में जब सोती तो मैं अपनी चूत को सहलाती और और अपने बूब्स को खुद ही प्रेस करती, ये सब करने से सिर्फ मन खराब होता था, क्यों की कुछ होता जाता था नहीं बस आग भड़क उठती. उसके बाद उसने मुझे अपने एक दोस्त के कमरे पे ले गया, मैंने भी चली गई, उसका दोस्त था नहीं वो गाँव गया हुआ था, वह सिर्फ हम दोनों अकेले थे, ये पहले से प्लांड थे, वह जाकर मेरे सारे कपडे उतारे, और फिर मेरे चूत को खूब सहलाया, मेरे बूब्स को पिया, मैं भी खूब मजे ली, अब बारी थी चुदने की, मुझे इसका बेशब्री से इंतज़ार था, पर अंदर से डर भी था, और वो पल आ गया जब मेरे चूत पे किसी लंड का स्पर्श हुआ, मैं तो धन्य हो गयी, मजा आ गया यारों, आप ये कहानी नॉनवेज स्टोरी डॉट कॉम पे पढ़ रहे है. उसके बाद उसने मेरी चूत पे थूक लगाया, मैंने मना भी किया की थूक क्यों लगा रहा है पर उसने बोल अरे यार दर्द नहीं होगा क्यों की लंड जब गिला हो जायेगा तो अंदर चला जायेगा, फिर उसने कहा रूक पहले चेक करता हु, की तू वाकई में वर्जिन है की यूँ ही बोल रही है.यह सेक्स कहानी आप चुदाई कहानी साइट डॉट कॉम पर पड़ रहे है।मैंने कहा चेक कर ले. उसने मेरे चूत को चिर कर देखा, और बोल नहीं यार तू तो वर्जिन लग रही है, क्यों की अंदर छेद नहीं दिखई दे रहा है. मस्त माल है यार, मैंने कहा ये तो मैं हु ही.उसको बाद क्या बताऊँ दोस्तों, उसने अपना लंड मेरे चूत पे लगाया और लगा अंदर करने, मेरी मजा तो सजा में तब्दील होने लगी. मुझे जोर का दर्द होने लगा. मैं दर्द से छटपटा रही थी वो थोड़ा रूक गया और मेरी चूचियों को सहलाने लगा, मुझे अब दर्द भी हो रहा था और मजा भी आ रहा था, अभी लंड मेरे चूत के अंदर गया नहीं था. उसके बाद उसने तीन चार बार हौले हौले किया फिर उसने एक जोर से झटका मारा, उसका लंड मेरी चूत में कस गया, दर्द होने लगी. वो रूक गया, अब वो थोड़ा लंड को निकालता और फिर अंदर करता, ऐसा उसने करीब २० बार किया, और लंड ने अपना मुकाम मेरे चूत के अंदर कर लिया, अब लंड आराम से मेरे चूत में आ जा रहा था, मैं पसीना पसीना हो गई थी, वो मजा बस पूछो नहीं दोस्तों, आपको जिसको खट्टा मीठा कहते हो ना वही था, दर्द भी था और सकून भी था, मैंने उसको अपने बाहों में जकड लिया और पैर से फंदा बना ली. वो अंदर बाहर अपने लंड को करते जा रहा था.दोस्तों उसने बाद मेरे चूत के अंदर खुजली होने लगी. वो गजब का एहसास था मुझे लग रहा था वो जोर जोर से अंदर डाले, मुझे बाहों में भर ले मेरी चूचियों को जोर जोर से दबाये, मेरे होठ को खूब चूसे, मैं आवेश में आ गयी और कहने लगी. चोद ना चोद शांत क्यों हो रहा है. मुझे तो अभी और चाहिए, और चोद और चोद, आह आह आह उफ़ उफ़ उफ़ और वो धरासाई हो गया वो मेरे ऊपर ही लेट गया, मैंने पूछा क्या हुआ, मुझे बहुत गुस्सा लगा था, क्यों की वो चोद नहीं रहा था, मैंने उसको कहा क्या कर रहे हो? उसने कहा बस हो गया अब मेरा, मेरा निकल गया है. तेरी चूत में, मैं झड़ गया हु, दोस्तों मुझे जोर से गुस्सा आया, पर करती भी क्या, मैं चुपचाप रही, मैं अभी वासना की आग में जल रही थी, तभी बेल्ल बजा मैं डर गई. अपने कपडे ढूंढने लगी. वो बाहर आ गया ड्राइंग रूम में, और फिर दरवाजा खोल, तो मुझे गालियों की आवाज आई. कह रहा था साले, तूने मुझे कहा था की जब मैं जाऊंगा तो तुम दोनों को बुला लूंगा, पर तूने बुलाया नहीं? कहा है तेरी माल, उसने इशारे से बता दिया कमरे के तरफ. वो दोनों अंदर आ गया,यह सेक्स कहानी आप चुदाई कहानी साइट डॉट कॉम पर पड़ रहे है।मैंने कपडे पहन चुकी थी.उसने आते ही कहा बड़ी जबरदस्त माल है यार, मैंने कहा ये क्या हो रहा है, अपने फ्रेंड को बोली तुम इसे क्यों बुलाए हो, उसने कहा, इसने अपनी गर्ल फ्रेंड को शेयर करता है. मेरे साथ, हम तीनो अपने अपने गर्ल फ्रेंड को शेयर करेंगे, हम तीनो ने आपस में वादा किया है. मुझे अच्छा लगा, इन तीनो का आईडिया, और वो दोनों मुझे सहलाने लगा, और धीरे धीरे मेरे कपडे उतर गया और वो दोनों भी उतार लिया, फिर क्या था दोस्तों, एक का लंड तो थोड़ा छोटा था पर एक का लंड बहुत मोटा था, वो जोर जोर से मुझे खूब चोदा, फिर तीनो ने मुझे बारी बारी से चोदा, अब मैं संतुष्ट हुई, मुझे जो चाहिए था मिल गया था.मैंने ये सब काम तीन महीने तक खूब की, पर मुझे बाद में अच्छा नहीं लगा, की रंडी बनु और मुझे तीन तीन लड़के चोदे, मैंने अपने बॉयफ्रेंड को छोड़ दिया, और मेरे मम्मी पापा दूसरे शहर में शिफ्ट कर गया है. यह मैं थोड़ा दिन चैन से रहना चाहती हु, ये मेरी कहानी सच्ची है. आशा करती हु की, मैं सेक्स के बिना रह नहीं सकती और मेरी शादी होने में अभी टाइम है.कैसी लगी ग्रुप सेक्स की कहानी , अच्छा लगी तो शेयर करना , अगर कोई मेरी चूत की चुदाई करना चाहते हैं तो अब जोड़ना Facebook.com/KavitaSharma.

Do choro ne mujhe khub choda raat me

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दो चोरों ने मुझे चोदा घर में अकेला पाकर

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में एक शादीशुदा औरत हूँ और मेरी उम्र 34 साल है. मेरे पति एक प्राइवेट कंपनी में नौकरी करते है, वो मार्केटिंग में है इसलिए वो अक्सर शहर से बाहर रहते है, मेरे दो बच्चे है, एक लड़का एक लड़की है. अब में आपको अपने बारे में बता दूँ में एक खूबसूरत औरत हूँ और मेरे बूब्स का साईज 40 होगा. अब में आपको ज्यादा बोर ना करती हुई सीधी अपनी स्टोरी पर आती हूँ.यह बात दिसम्बर की है. में अपने घर में अपने बच्चों के साथ अकेली थी और बाहर काफ़ी ठंड थी और धुंध भी पड़नी शुरू हो गयी थी. अब खाना खाने के बाद बच्चे अपने कमरे में सोने चले गये थे. में काफ़ी टाईम तक टी.वी देखती रही और टी.वी देखते-देखते कब मेरी आँख लग गयी मुझे पता ही नहीं चला.
कुछ देर के बाद अचानक से कुछ टूटने की आवाज़ से मेरी नींद खुल गयी तो मैंने आस पास देखा तो कोई भी नहीं था. अब मेरे रूम की लाईट बंद थी और टी.वी चल रहा था. में उठी और टी.वी बंद किया, अब में समझी शायद टी.वी में से आवाज़ आई है. 

मैंने टी.वी बंद करके जैसे ही बाथरूम का दरवाजा खोला तो मेरे होश उड़ गये. अब मेरे सामने दो आदमी खड़े थी, जिनके चेहरे पर कपड़ा बँधा हुआ था और हाथ में चाकू था.उनमें से एक आदमी ने मुझे धक्का मारा और अपने हाथों से मेरा मुँह बंद कर दिया, तो में कुछ भी समझ नहीं पाई कि क्या हो रहा है? अब में बहुत डर गयी थी और शायद इसी कारण मेरी चीख भी नहीं निकल पाई थी. अब तक उन दोनों ने मुझे कुर्सी पर बैठा दिया था और धीरे से एक आदमी बोला कि अगर तूँ चीखी तो समझ लेना कि यह तेरी आखरी चीख होगी. मेरी तरफ से कोई हरकत नहीं हुई और अब मेरी बॉडी डर के मारे काँप रही थी.

दूसरा आदमी मेरे कान के पास आकर बोला कि बता घर के सारे गहने और पैसे कहाँ पर रखे है? और यह कहते हुए दूसरे ने चाकू मेरी गर्दन पर लगा दिया. अब में समझ गयी थी कि यह दोनों चोर है. मैंने अपने मुँह में से दबी हुई आवाज निकाली, तो वो समझ गये कि में कुछ बोलना चाहती हूँ, तो एक ने मेरा मुँह खोल दिया.में डरी हुई आवाज़ में बोली कि मेरे पास सिर्फ़ एक मंगलसूत्र और कान के झुमके है और मेरे पास कुछ भी नहीं है. तब दूसरा चोर चाकू दिखाता हुआ बोला कि साली सीधे से बताती है कि चाकू तेरे अंदर घुसेड़ दूँ. में बोली कि में सच कह रही हूँ. वो चोर बोला कि बता घर में और कौन है? तो में बोली कि सिर्फ़ में और मेरे बच्चे. उन दोनों ने मुझे कुर्सी से बांधना शुरू कर दिया और एक चोर मेरे पास खड़ा रहा और दूसरा चोर कमरे का सामान देखने लगा.

में बोली कि में सच कह रही हूँ मेरे पास इस समय कुछ भी नहीं है, सब बैंक के लॉकर में है. मेरी बात सुनकर एक ने मुझसे अलमारी की चाबी माँगी, तो में कुछ नहीं बोली. तब एक बोला कि साली बताती है या तेरे बच्चो को मार दूँ. अब में बहुत डर गयी थी और उनको चाबी दे दी. उन्होंने पूरी अलमारी और बाकी का सामान चैक कर लिया मगर उनको कुछ भी नहीं मिला. वो दोनों चोर गुस्से से मेरे पास आए और मेरा मंगलसूत्र और कान से झुमके उतारने लगे, तो में कुछ नहीं बोली.अब में समझी कि शायद अब यह दोनों चले जाएँगे, लेकिन मेरी सोच ग़लत थी. अब मेरा मंगलसूत्र उतारते समय एक चोर के हाथ मेरे मोटे-मोटे बूब्स पर चले गये. वो तभी अपने साथी से बोला कि यार क्या हुआ अगर माल नहीं मिला? यह माल तो हमें जरूर मिलेगा. 

अब उसके हाथ मेरे बूब्स पर थे, तो में डर गयी और बोली कि प्लीज़ मुझे जाने दो, में दो बच्चो की माँ हूँ. दूसरा चोर बोला कि तीसरे बच्चे की माँ बनने के लिए तैयार हो जा.अब मुझे कुछ समझ में नहीं आ रहा था, वो दोनों ही चोर काफ़ी लंबे ऊँचें थी. अब उन दोनों ने अपने मुँह के कपड़े खोल लिए थे, अब वो दोनों मुझे ललचाई नजरों से देखने लगे थे. एक ने मेरे ब्लाउज के हुक खोलने शुरू कर दिए. अब मेरे ब्लाउज के सभी हुक खुल चुके थी, अब मेरे मोटे-मोटे बूब्स मेरी ब्रा से बाहर आ रहे थे. वो दोनों मेरी ब्रा के ऊपर से ही मेरे बूब्स को दबाने लगे.ये सेक्स कहानी,चुदाई कहानी साइट डॉट कॉम पर पड़ रहे है। 

अब एक ने मेरी ब्रा का हुक भी खोल दिया था और अब मेरे दोनों बूब्स आज़ाद थे. उन दोनों ने मेरा एक-एक बूब्स पकड़ लिया और जोर-जोर से दबाने लगे. अब मेरी आँखों से आँसू निकलने शुरू हो गये थे. मैंने उनसे बहुत मिन्नते की मगर वो दोनों कहाँ मानने वाले थे? एक ने मुझे खोल दिया और मेरी साड़ी को मेरी टाँगों से ऊपर तक उठा दिया. अब वो दोनों यह सब कुछ बहुत जल्दी-जल्दी कर रहे थे. अब में समझ गयी थी कि मेरे साथ क्या होने वाला है? वो दोनों मुझे कुर्सी से उठाकर बेड पर ले गये.अब मेरे बूब्स नीचे लटक रहे थे और अब उन दोनों के लंड पेंट में खड़े हो गये थे. अब वो दोनों मेरे बूब्स को जोर-जोर से चूस रहे थे. अब मुझे भी कुछ होने लगा था और अब में कुछ नहीं बोल रही थी. तो तब एक चोर बोला कि साली क्या बूब्स है? दिल करता है कि चूस-चूसकर लाल कर दूँ. अब मेरे दोनों निपल्स लाल हो चुके थे, अब मुझे भी मजा आने लगा था.

इतने में एक ने मेरी साड़ी खोल दी और मेरे पेटीकोट का नाड़ा ढूँढने लगा और जब उसे नाडा नहीं मिला तो चोरों ने मेरा पेटीकोट मेरी जांघों से ऊपर तक उठा दिया. मैंने नीचे पेंटी नहीं पहनी थी तो मेरी चिकनी चूत देखकर उन दोनों की आँखे फट गयी, अब वो दोनों पागल हो गये थे. वो दोनों खड़े हुए और उन दोनों ने अपनी पेंट उतार दी, उन दोनों का लंड उनका अंडरवेयर फाड़कर बाहर की तरफ आ रहा था. जैसे ही उन दोनों ने अपने अंडरवेयर खोले, तो मेरी आँखे फटी की फटी ही रह गयी एक का लंड 9 इंच का तो दूसरे का 8 इंच से कम नहीं होगा.एक चोर ने मुझे बेड पर सीधा लेटाकर अपना 9 इंच लंबा लंड मेरी चूत के लिप्स पर रख दिया और दूसरे ने अपना लंड मेरे मुँह में डाल दिया. अब में उसका लंड लॉलीपोप की तरह चूसने लगी थी. 

अब वो दूसरा वाला धीरे-धीरे अपना लंड मेरी चूत में डालता जा रहा था. अब में दर्द से पागल हो रही थी मगर में चीख भी नहीं सकती थी, क्योंकि एक लंड मेरे मुँह में था.ये सेक्स कहानी,चुदाई कहानी साइट डॉट कॉम पर पड़ रहे है। उसने अपना पूरा लंड मेरी चूत में डाल दिया और आगे पीछे धक्के मारने लगा. अब मुझे भी मज़ा आने लगा था और अब मेरे मुँह से उम्म्म्म, आह की आवाजे आने लगी थी. अब मुझे उसका लंड चूसना अच्छा लग रहा था, अब पूरे कमरे में छप-छप की आवाजे आने लगी थी. कुछ देर के बाद एक चोर ने मेरे मुँह में ही अपना वीर्य गिरा दिया मगर नीचे वाला फुल स्पीड में अंदर बाहर कर रहा था.उसने भी एक ज़ोरदार झटका मारकर अपना वीर्य मेरी चूत के अंदर ही गिरा दिया और ऊपर वाले चोर का वीर्य मेरे गले के अंदर जा रहा था. कुछ देर तक लेटे रहने के बाद में बाथरूम की तरफ भागी कि कहीं में सच में गर्भवती ना हो जाऊं. जब में वापस आई तो मैंने देखा कि वो दोनों चोर अपने कपड़े पहनकर वहाँ से भाग चुके थे. अब मुझे अपने आपसे शर्म और हँसी दोनों आ रही थी. मैंने ज़िंदगी में भी नहीं सोचा था कि इस तरह दो चोर मुझे चोदोंगे.

कैसी लगी चोरों से मेरी चुदाई , अच्छा लगी तो शेयर करना , अगर कोई मेरी चूत की चुदाई करना चाहते हैं तो ऐड करो Lund ki bhukhi akeli aurat.
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